“महिला विरोधी सरकार सिर्फ भ्रम फैलाने में माहिर, आंगनवाड़ी बहनों के हक पर मौन” — नीरज तिवारी”
नैनीताल/हल्द्वानी। हिंदी न्यूज़। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारीने हल्द्वानी स्थित बुद्ध पार्क में पिछले 19 दिनों से जारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सेविकाओं और मिनी कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हजारों आंगनवाड़ी बहनें अपने हक और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों के लिए सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं, जो किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए, लेकिन मौजूदा सरकार इस पूरे मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है।

तिवारी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समाज के सबसे निचले स्तर तक पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवाएं पहुंचाने का कार्य करती हैं। गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के पोषण से लेकर टीकाकरण और जागरूकता अभियानों तक, इन बहनों की भूमिका बेहद अहम है। इसके बावजूद जब इन्हें अपने ही अधिकारों के लिए धरना देना पड़ रहा है, तो यह सरकार की प्राथमिकताओं और संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल योजनाओं और घोषणाओं के जरिए भ्रम फैलाने में लगी है, जबकि जमीनी स्तर पर कर्मचारियों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों—मानदेय में बढ़ोतरी, अनावश्यक कटौतियों पर रोक, समय पर भुगतान और सुरक्षित व सम्मानजनक कार्य वातावरण—को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने स्वयं धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं से बातचीत की, जहां महिलाओं ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। कई कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें महीनों तक मानदेय का इंतजार करना पड़ता है, जबकि उनसे लगातार काम लिया जाता है। इस स्थिति ने उनके आर्थिक और पारिवारिक जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डाला है।
तिवारी ने प्रशासनिक उदासीनता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतने लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद न तो कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही सरकार की ओर से कोई ठोस पहल की गई। उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट दर्शाता है कि सरकार को मेहनतकश महिलाओं की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।”
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही आंगनवाड़ी बहनों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कांग्रेस इस आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी और महिलाओं के अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

अंत में तिवारी ने दोहराया कि कांग्रेस हमेशा से महिला सशक्तिकरण और श्रमिक वर्ग के हितों की पक्षधर रही है और आगे भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।

