उत्तराखंड में महिला सुरक्षा पर सियासत तेज, कांग्रेस ने सरकार को घेरा।

ज्योति रौतेला ने कहा“महिलाएं असुरक्षित, सरकार मौन”आंकड़ों और घटनाओं के साथ रखी पूरी तस्वीर

देहरादून, । हिंदी न्यूज़देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने राज्य व देश में बिगड़ती कानून व्यवस्था तथा महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है और अपराधियों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रौतेला ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कई नेताओं व उनके करीबी लोगों पर दुष्कर्म, यौन शोषण और उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं, लेकिन इन मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें ऐसे मामलों में गंभीरता नहीं दिखा रहीं, जिससे पीड़ितों को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का उल्लेख करते हुए कहा कि उससे जुड़े मामलों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आया है। रौतेला ने कहा कि मंत्री द्वारा एपस्टीन से मुलाकात स्वीकार करने के बावजूद इस विषय पर संसद में चर्चा न होना गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
इस दौरान उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी तथा लेखिका मधु किश्वर द्वारा पार्टी नेतृत्व और कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन बयानों से स्पष्ट है कि भाजपा के भीतर भी असंतोष और गंभीर चिंताएं मौजूद हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है।
रौतेला ने कहा कि उत्तराखंड, जो अपनी शांति और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए जाना जाता रहा है, आज महिला अपराधों के कारण चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने वर्ष 2022 में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था, लेकिन अब तक इस मामले में पूरी सच्चाई सामने नहीं आ सकी है।
महिला अपराधों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में 3431, वर्ष 2022 में 4337, वर्ष 2023 में 3808, वर्ष 2024 में 4000 से अधिक तथा वर्ष 2025 में 4200 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में महिला अपराधों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार इन्हें रोकने में असफल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि केवल कानून व्यवस्था की कमजोरी ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता और संवेदनशीलता की कमी का परिणाम है। रौतेला ने आरोप लगाया कि कई मामलों में पीड़ितों को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती।

प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने सरकार से मांग की कि महिला अपराधों के मामलों की फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई सुनिश्चित की जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस दिशा में जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो महिला कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगी।

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