उत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर: ‘कमल’ छोड़ ‘हाथ’ के साथ हुए कई दिग्गज, कांग्रेस ने फूँका 2027 का बिगुल

विशेष संवाददाता,नई दिल्ली /हिंदी न्यूज़।उत्तराखंड की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल देखने को मिला। राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में भाजपा और अन्य दलों के कई कद्दावर नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। पूर्व विधायकों और निकाय अध्यक्षों के इस सामूहिक दलबदल ने प्रदेश की सियासत में ‘बदलाव की बयार’ का संकेत दे दिया है।
​पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नारायण पाल, भीमलाल आर्या, पूर्व मेयर गौरव गोयल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख लखन सिंह नेगी शामिल हैं। कांग्रेस आलाकमान ने इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के ‘अहंकार’ के पतन की शुरुआत बताया है।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गजों ने धामी सरकार और केंद्र की ‘डबल इंजन’ सरकार पर जमकर निशाना साधा।
​काजी निजामुद्दीन (विधायक व राष्ट्रीय सचिव): उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तराखंड में हजारों स्कूल बंद हो गए और अस्पतालों की हालत बदतर है। उन्होंने कहा, “न दवा है, न डॉक्टर। बिजली की किल्लत और ध्वस्त कानून व्यवस्था से जनता त्रस्त है, इसीलिए आज सम्मानित नेता कांग्रेस के साथ खड़े हैं।”
​गणेश गोदियाल (प्रदेश अध्यक्ष): गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता उम्मीद भरी नजरों से कांग्रेस की ओर देख रही है। आज शामिल हुए साथियों का संकल्प 2027 में कांग्रेस की सरकार बनाना है।

कुमारी शैलजा (प्रदेश प्रभारी): उन्होंने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस की विचारधारा के प्रति बढ़ता यह समर्पण उत्तराखंड में आने वाले बड़े राजनीतिक परिवर्तन का प्रतीक है।
​भ्रष्टाचार और माफियाराज के लगे आरोप
​कैंपेन कमेटी के चेयरमैन प्रीतम सिंह ने सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में खनन, शराब और भू-माफिया का बोलबाला है। उन्होंने अंकिता भंडारी केस और भर्ती घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि इन अपराधों में सत्ताधारी दल के लोगों की संलिप्तता ने राज्य को शर्मसार किया है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा ने जनता के साथ विश्वासघात किया है, जिसका खामियाजा उसे भुगतना होगा। वहीं, पूर्व अध्यक्ष करण माहरा ने मुख्यमंत्री पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

​इस महत्वपूर्ण अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें सीवीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, सह-प्रभारी मनोज यादव, सुरेंद्र शर्मा, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, और विधायक तिलक राज बेहड़ प्रमुख थे।
​दिल्ली में हुए इस शक्ति प्रदर्शन से कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह आक्रामक मुद्रा में है। भारी संख्या में स्थानीय कद्दावर नेताओं का जुड़ना भाजपा के लिए निश्चित रूप से एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

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