हल्द्वानी/नैनीताल। हिंदी न्यूज़ उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन” के तहत नैनीताल पुलिस लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टी.सी. के नेतृत्व में जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पुलिस की सक्रियता और रणनीति का असर साफ दिखाई दे रहा है।
इसी अभियान के तहत हल्द्वानी क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक महिला तस्कर को भारी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ कड़ा संदेश देने वाली मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हल्द्वानी विजय मेहता के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा 27 मार्च को एफटीआई गेट के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक महिला संदिग्ध अवस्था में आती दिखाई दी। पुलिस टीम द्वारा रोककर तलाशी लेने पर उसके पास से 132 ग्राम स्मैक बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस स्मैक की कीमत करीब 36 लाख रुपये आंकी गई है, जो इस बात की ओर संकेत करती है कि आरोपी किसी बड़े नशा नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।

गिरफ्तार महिला की पहचान जोया खान (30 वर्ष) पत्नी मजहर आलम, निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, गौजाजाली, थाना बनभूलपुरा, जनपद नैनीताल के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी (धारा 420 IPC) के तहत हल्द्वानी और मुखानी थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि आरोपी पहले से अपराध गतिविधियों में लिप्त रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की तहत कोतवाली हल्द्वानी में अभियोग पंजीकृत किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है, ताकि उससे पूछताछ कर नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
यह भी संभावना जताई जा रही है कि इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य जुड़े हुए तस्करों तक भी पहुंच सकती है।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह मेहता,उपनिरीक्षक मनोज कुमार (चौकी टीपी नगर),कांस्टेबल तारा सिंह
महिला कांस्टेबल अनिता फुलेरिया शामिल रहे।
एस एस पी नैनीताल ने टीम के सराहनीय कार्य के लिए उन्हें ₹2000 का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया और भविष्य में भी इसी तरह मुस्तैदी से कार्य करने के निर्देश दिए।
3 माह में पुलिस ने 18 तस्कर गिरफतार किये जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं 14 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कुल कीमत लगभग ₹ 2 करोड़ 66 लाख की स्मेक भी बरामद की गई है। जो की नैनीताल पुलिस द्वारा वर्ष 2026 के पहले तीन महीनों में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए गए अभियान के आंकड़े बेहद प्रभावशाली है ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
एस एस पी डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने स्पष्ट किया है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई भी तेजी से की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना है, ताकि वे दोबारा इस अवैध धंधे में सक्रिय न हो सके।
जनपद में नशे का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने जनता से भी अपील की कि नशा तस्करी से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं, ताकि समाज को इस बुराई से मुक्त किया जा सके।
नैनीताल पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी सफलता है, बल्कि यह पूरे प्रदेश में नशा माफियाओं के लिए एक स्पष्ट चेतावनी भी है।
लगातार हो रही गिरफ्तारियों, बड़ी मात्रा में बरामदगी और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई से यह साफ है कि उत्तराखंड में नशा तस्करों के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है।

