कैंची धाम जाम की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में तेज़ी, मुख्य सचिव ने विकास कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

भवाली-रातिघाट बाईपास कार्य को पर्यटन सीजन से पहले पूरा करने के निर्देश, नैनीताल माल रोड में भू-धंसाव रोकने के कार्यों का भी लिया जायजा

नैनीताल। हिंदी न्यूज़। नैनीताल जनपद के भ्रमण पर पहुंचे उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को कैंची धाम क्षेत्र में लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवाली बाईपास, भवाली-रातिघाट बाईपास, कैंची धाम मंदिर परिसर में निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा नैनीताल माल रोड में हो रहे सुरक्षात्मक कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता को निर्देशित किया कि भवाली-रातिघाट बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाए ताकि आगामी पर्यटन सीजन से पहले यातायात सुचारू किया जा सके। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी मोटर पुल का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस सीजन में बेली ब्रिज स्थापित कर यातायात को चालू किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राहत मिल सके।

इस अवसर पर PWD के मुख्य अभियंता पी.एस. बृजवाल ने मुख्य सचिव को जानकारी दी कि भवाली सेनेटोरियम से रतिघाट तक 18.15 किलोमीटर लंबे बाईपास मार्ग में से करीब 8 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिस पर वर्तमान में यातायात संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस बाईपास को रतिघाट स्थित भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान के मोटर पुल का निर्माण किया जाना है। इस पुल के निर्माण के लिए शासन से 9 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है और निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सेनेटोरियम से भवाली-अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क तथा इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर बनाए गए 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह मार्ग अब यातायात के लिए पूरी तरह सुचारू हो चुका है।

इसके अलावा मुख्य सचिव ने कैंची धाम मंदिर परिसर में 40 करोड़ 81 लाख 39 हजार रुपये की लागत से मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत 17 करोड़ 59 लाख 87 हजार रुपये की लागत से बनाए जा रहे फैसिलिटेशन सेंटर और अन्य सुविधाओं का भी स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि वाहनों के प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग गेट बनाए जाएं, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और जाम की समस्या कम हो। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी को पुलिस और कार्यदायी संस्था के साथ बैठक कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपने दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने नैनीताल के लोअर माल रोड में वर्ष 2018 में हुई क्षति के बाद किए जा रहे मरम्मत कार्यों और झील की ओर से हो रहे भू-धंसाव की रोकथाम के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक एवं सुधार कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।

इस मौके पर कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, मुख्य अभियंता सिंचाई श्री संजय कुमार शुक्ला, अधीक्षण अभियंता PWD श्री मनोहर सिंह धर्मशक्तू, एसडीएम वाजिश खलीक, मोनिका सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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