कालाढूंगी की जनसमस्याओं पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या से मिला प्रतिनिधिमंडल

हल्द्वानी/कालाढूंगी। कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से शिष्टाचार भेंट कर क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को बिंदुवार उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने उनसे इन जनहित के मुद्दों को विधानसभा सहित अन्य मंचों पर मजबूती से उठाने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, सुरक्षा, पेयजल और वन्यजीवों से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए प्रभावी पहल किए जाने की आवश्यकता है। इस दौरान प्रमुख रूप से डॉक्टर सुशीला तिवारी हॉस्पिटल हल्द्वानी में पिछले वर्षों में हुई 6084 मौतों के मामले को गंभीरता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। साथ ही कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य सरकारी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

इसके अतिरिक्त कालाढूंगी क्षेत्र में लागू किए गए प्राधिकरण को लेकर भी स्थानीय लोगों की नाराजगी का मुद्दा उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि क्षेत्र की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्राधिकरण को तत्काल हटाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे स्थानीय निवासियों को विभिन्न प्रशासनिक और विकास संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में गुलदार और बाघ की बढ़ती गतिविधियों पर भी चिंता व्यक्त की गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के आसपास के कई गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में सोलर फेंसिंग और सोलर लाइट लगाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि रात के समय वन्यजीवों की गतिविधियों से होने वाले खतरे को कम किया जा सके।

इसके साथ ही जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांवों में व्याप्त पेयजल समस्या के जल्द समाधान की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कई गांवों में अभी भी नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया गया।

इस अवसर पर पीयूष बिष्ट (पूर्व ग्राम प्रधान), अरनव कंबोज (जिला पंचायत सदस्य), कुलदीप तड़ियाल (पूर्व कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख) और कमल अधिकारी (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष) सहित अन्य जागरूक साथियों ने भी जनहित से जुड़े विषयों को मजबूती के साथ रखा।


वहीं कांग्रेस प्रवक्ता नीरज तिवारी का कहना है कि वह पहले भी लगातार क्षेत्र की जनसमस्याओं को उठाते रहे हैं। उन्होंने हाल ही में डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में हो रही मौतों के मामले को प्रमुखता से उठाया, वहीं क्षेत्र में बढ़ते बाघ के आतंक को लेकर भी आवाज बुलंद की। इसके साथ ही उन्होंने वन गुर्जरों के अधिकारों, क्षेत्र में बढ़ते शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ भी लगातार आवाज उठाई है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले शोषण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए भी वह लगातार संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि कालाढूंगी क्षेत्र की जनता से जुड़े किसी भी मुद्दे पर वह पीछे नहीं हटेंगे और हर समस्या के समाधान के लिए मजबूती से संघर्ष करते रहेंगे।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र की इन जनसमस्याओं को विधानसभा तथा अन्य उपयुक्त मंचों पर प्रमुखता से उठाया जाएगा और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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