₹46 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर हुई समीक्षा, पाथ-वे, पार्किंग, सेल्फी प्वाइंट और बच्चों के खेल क्षेत्र जैसी सुविधाएं होंगी विकसित
नैनीताल/देहरादून। उत्तराखण्ड के प्रमुख पर्यटन जनपद नैनीताल की झीलों को और अधिक आकर्षक, सुव्यवस्थित और पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने शुक्रवार को सचिवालय में जनपद नैनीताल में संचालित आवास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी नैनीताल डॉ. ललित मोहन रयाल वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर उप सचिव आवास रजनीश जैन, अनुसचिव वित्त गौरीशंकर जोशी तथा राज्य सरकार के विशेष सलाहकार जी.पी. पंत भी मौजूद रहे।

बैठक में भीमताल झील के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत ₹2567.49 लाख निर्धारित की गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य भीमताल झील क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से अधिक आकर्षक, सुविधाजनक और सुव्यवस्थित बनाना है, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और क्षेत्र का समग्र विकास हो सके।
परियोजना के अंतर्गत झील के चारों ओर आकर्षक और सुरक्षित पाथ-वे का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटक झील के चारों ओर आसानी से भ्रमण कर सकेंगे। इसके साथ ही सुभाष पार्क और दीनदयाल पार्क का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। योजना में लगभग 40 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग, क्षेत्र में लैंडस्केपिंग, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, ओपन सिटिंग एरिया का निर्माण तथा बच्चों के लिए खेल क्षेत्र विकसित करने का भी प्रावधान रखा गया है। इसके अतिरिक्त पूरे क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विद्युतीकरण का कार्य भी किया जाएगा।
बैठक के दौरान नौकुचियाताल झील और कमलताल झील के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण परियोजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹2097.02 लाख आंकी गई है। योजना के तहत नौकुचियाताल झील के चारों ओर लगभग 2089 मीटर लंबा पाथ-वे बनाया जाएगा, जिससे पर्यटकों को झील के चारों ओर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
इस परियोजना के अंतर्गत झील के आसपास चार गजिबो, एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, पार्किंग सुविधा और बोटिंग स्टैंड का निर्माण भी किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में लैंडस्केपिंग, बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक उपकरण, हॉर्टिकल्चर कार्य और विद्युतीकरण की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इन सुविधाओं के विकसित होने से नौकुचियाताल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद नैनीताल जनपद की झीलों के आसपास पर्यटन सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही झीलों के आसपास का क्षेत्र अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक दिखाई देगा।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि नैनीताल जनपद की झीलें उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर हैं और इनके संरक्षण तथा सुव्यवस्थित विकास के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीमताल, नौकुचियाताल और कमलताल झील से जुड़ी सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास सुनिश्चित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है।
डॉ. कुमार ने कहा कि झीलों के आसपास स्वच्छता, हरियाली और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। साथ ही जिलाधिकारी और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
