“पीड़ित परिवार ने बताई मारपीट और धमकी की आपबीती पुलिस पर सत्तापक्ष के दबाव में काम करने का आरोप”
हल्द्वानी, शहर में सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के मुद्दे को लेकर आज सुमित हृदयेश ने प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवारों ने हालिया घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन हाल के घटनाक्रम में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ जो व्यवहार सामने आया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन निष्पक्षता से कार्य करने के बजाय सत्तापक्ष के दबाव में काम करता दिखाई दे रहा है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है।
उन्होंने आगे कहा कि निर्दोष सामाजिक कार्यकर्ताओं को फर्जी मामलों में फंसाकर उन्हें अपराधी साबित करने की कोशिश की जा रही है। मदरसन कंपनी में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरने का समर्थन कर रहे पीयूष जोशी, हरीश पनेरू और आशीष कबड़वाल के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई को उन्होंने दमनकारी करार दिया।
विधायक ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनहित के आंदोलनों के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी, ताकि आमजन और मजदूरों को न्याय मिल सके। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा देने की भी मांग की गई।

प्रेस वार्ता में उपस्थित राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू और छात्र नेता आशीष कबड़वाल ने भी कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और लोगों को झूठे मामलों में फंसाने का भय दिखाया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
इस दौरान पुष्पा जोशी ने भावुक होकर बताया कि उनके पुत्र के साथ मारपीट की गई और उसे गंभीर मामलों में फंसाने के साथ जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका पूरा परिवार भय के साये में जी रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने भी पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि निर्दोष लोगों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में मधु सांगूड़ी, सुहैल सिद्दीकी, मोहन बिष्ट, गिरीश पांडे, दिनेश सांगूड़ी, पूजा पालीवाल, विनीता भट्ट, हिमांशु कबड़वाल, कमल बोरा और मेहुल साह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पुलिस के कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि जल्द न्याय नहीं मिलने पर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा


