नैनीताल में किताबों की दुकानों पर प्रशासन का छापा, स्कूलों की मनमानी पर कसी लगाम

डीएम ललित मोहन रयाल के निर्देश पर जिलेभर में आकस्मिक निरीक्षण, महंगी प्राइवेट किताबें अनिवार्य कराने पर कार्रवाई की तैयारी

नैनीताल/हल्द्वानी । हिंदी न्यूज़ ।जिले में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। परगनाधिकारियों की टीमों द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्टेशनरी एवं पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
यह अभियान हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल, कोटाबाग, बेतालघाट और श्री कैंचीधाम क्षेत्रों में संचालित किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों से पूछताछ कर यह सुनिश्चित किया कि कहीं विद्यालयों द्वारा छात्रों को किसी एक विशेष दुकान से पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य तो नहीं किया जा रहा है। साथ ही निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों को अनिवार्य कराने की भी जांच की गई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने NCERT पुस्तकों की उपलब्धता का भी जायजा लिया और यह देखा कि कहीं किताबों के निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत तो नहीं वसूली जा रही।

हल्द्वानी क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण अनियमितताएं मिलीं। जांच में पाया गया कि कई विद्यालयों द्वारा कक्षा 1 और उससे ऊपर की कक्षाओं में NCERT के अलावा अन्य निजी प्रकाशकों की किताबें भी अनिवार्य की गई हैं। इन पुस्तकों की कीमतें NCERT की तुलना में काफी अधिक पाई गईं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति भेज दी है।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई विद्यालयों में प्ले ग्रुप, नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इन कक्षाओं में प्रयुक्त पुस्तकों और नोटबुक्स की सूची एवं मूल्य का विवरण भी एकत्र किया गया। प्रशासन को संदेह है कि कुछ विद्यालय बिना मान्यता के इन कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है।
इसी प्रकार नैनीताल, रामनगर और श्री कैंचीधाम में भी अधिकारियों द्वारा पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों की जांच की गई। जहां-जहां खामियां पाई गईं, वहां संबंधित मामलों को मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
कार्रवाई रहेगी जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अभिभावकों के आर्थिक शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!