यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटीमें अटका प्रस्ताव, तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है असर
अंतरराष्ट्रीय। हिंदी न्यूज़। वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्टेट ऑफ़ होर्मुज़ को पुनः खोलने के प्रस्ताव पर यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल में सहमति नहीं बन सकी। रूस और चीन ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वीटो का प्रयोग करते हुए इसे पारित होने से रोक दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, यह प्रस्ताव होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहाल करने तथा वैश्विक व्यापार, विशेषकर कच्चे तेल की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया था। हालांकि रूस और चीन ने सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए इसका विरोध किया।

विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों पर पड़ सकता है।
सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव के ठप पड़ने के बाद कई देशों ने चिंता व्यक्त की है और इस मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर जोर दिया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती है, तो इससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है और ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

वर्तमान घटनाक्रम को देखते हुए यह स्पष्ट है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर महाशक्तियों के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं, जिसका असर आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर पड़ सकता है।

