उत्तराखण्ड में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य, घबराहट में बुकिंग से बढ़ा एलपीजी बैकलॉग


पीआईबी देहरादून में आईओसीएल की प्रेस वार्ता, डिजिटल बुकिंग अपनाने और फेक न्यूज से बचने की अपील
देहरादून, । हिंदी न्यूज सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) उत्तराखण्ड के राज्य स्तरीय समन्वयक एवं डिविजनल रिटेल सेल्स हेड श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने प्रदेश में एलपीजी तथा अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रमों के बावजूद राज्य में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने बताया कि भारत अपनी लगभग 80 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत आयात के माध्यम से पूरी करता है, जबकि एलपीजी की करीब 60 प्रतिशत मांग भी आयात पर निर्भर है। इसके बावजूद सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर कार्य कर रही हैं और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है, लेकिन उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में अधिक रिफिल बुकिंग करने के कारण लगभग 6.97 दिनों का बैकलॉग उत्पन्न हो गया है। वर्तमान में लगभग 85 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से हो रही हैं और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का कार्यान्वयन भी तेजी से बढ़ा है।
घरेलू एलपीजी आपूर्ति औसतन 18 लाख सिलेंडर प्रतिमाह है। मार्च में जहां प्रतिदिन लगभग 65 हजार सिलेंडर की आपूर्ति हो रही थी, वहीं वर्तमान में यह घटकर करीब 56 हजार प्रतिदिन रह गई है। गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति भी कम होकर लगभग 2,600 सिलेंडर प्रतिदिन रह गई है। शहरी क्षेत्रों में डिलीवरी का समय लगभग 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक पहुंच गया है।
आंकड़ों के अनुसार, 5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग हुई, जबकि 26,595 सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। 29 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 2.95 लाख से अधिक बुकिंग और 2.50 लाख से अधिक डिलीवरी दर्ज की गई। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।
राज्य में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। कुल 978 पेट्रोल पंप सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं और पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल की खपत में भी क्रमशः 2 प्रतिशत और 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

सिटी गैस वितरण के क्षेत्र में भी प्रगति जारी है। राज्य में 5 कंपनियां कार्यरत हैं और सीएनजी तथा पीएनजी की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो रही है। 1 मार्च से अब तक 1,388 नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 5,681 निरीक्षण, 301 छापे, 16 एफआईआर और 7 गिरफ्तारियां की गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि फेक न्यूज पर विशेष नजर रखी जा रही है और नागरिकों की सहायता के लिए 112 और 1070 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
प्रेस वार्ता के अंत में आईओसीएल की ओर से नागरिकों से अपील की गई कि वे एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की खरीदारी घबराहट में न करें, केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और अधिक से अधिक डिजिटल माध्यम से बुकिंग करें। साथ ही ऊर्जा संरक्षण और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया

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