बैलपड़ाव (नैनीताल), हिंदी न्यूज़। क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर शनिवार को बैलपड़ाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। यह विरोध मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रस्तावित कार्यक्रम के विरोध में किया गया, जिसके चलते अंततः मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित के मुद्दों को लेकर किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान तीन प्रमुख मांगें उठाई गईं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में लागू प्राधिकरण व्यवस्था को समाप्त करना, सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार कर सरकारी विद्यालयों की स्थिति बेहतर बनाना शामिल है।
उन्होंने कहा कि सैकड़ों की संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि अब जनता अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो चुकी है और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निरस्त होना प्रशासन और सरकार के लिए एक गंभीर संकेत माना जा रहा है। वहीं, विपक्ष इसे जनता के बढ़ते आक्रोश के रूप में देख रहा है।


