रामनगर (नैनीताल)। हिंदी न्यूज़।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ० मंजूनाथ टी०सी० के निर्देशन में फरार अभियुक्तों के विरुद्ध चलाए जा रहेअभियान के तहत रामनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के प्रयास के एक मामले में पिछले दो वर्षों से फरार चल रहे शातिर अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, थाना रामनगर में 27 सितंबर 2024 को दर्ज एफआईआर संख्या 289/2024, धारा 109/351(2)/352 बीएनएस के तहत एक गंभीर मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस से बचने के लिए फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन वह हर बार बच निकलने में कामयाब हो रहा था।
इस बीच वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में पुलिस ने रणनीति बनाकर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और सीओ रामनगर सुमित पांडे के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम को सटीक सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर थाना रामनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीतावनी तिराहा (टेड़ा गांव रोड) क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रियांशु बिष्ट उर्फ बंश ठाकुर पुत्र सुनील बिष्ट के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्राम मीरापुर पहाड़ियों वाला, पोस्ट कल्लूवाला, थाना अफजलगढ़, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में रामनगर क्षेत्र में रह रहा था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।

इस कार्रवाई में रामनगर थाना और एसओजी की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद, उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह, एसओजी के कांस्टेबल कुंदन कठैत और त्रिलोक सिंह शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून से बचने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

