“बच्चों के चेहरे पर लौटेगी मुस्कान: हल्द्वानी में निःशुल्क सर्जरी की पहल”

गरीब मरीजों के लिए बड़ी राहत: हल्द्वानी में मुफ्त क्लेफ्ट सर्जरी कैंप”

हल्द्वानी,। हिंदी न्यूज़ उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित चंदन हॉस्पिटल द्वारा 1 से 5 अप्रैल 2026 तक कटे होंठ एवं तालू (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट) से पीड़ित मरीजों के लिए निःशुल्क सर्जरी शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह पहल न केवल इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास है, बल्कि समाज में इस बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अस्पताल की प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख एवं चेयरपर्सन डॉ. सारिका गंगवार ने जानकारी देते हुए बताया कि चंदन हॉस्पिटल इस विशेष सर्जरी शिविर के माध्यम से कटे होंठ एवं तालू से पीड़ित मरीजों को संपूर्ण उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ सर्जनों की टीम के नेतृत्व में मरीजों को आधुनिक तकनीकों से उपचार दिया जाएगा, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

डॉ. गंगवार ने बताया कि इस शिविर की सबसे खास बात यह है कि इसमें मरीजों के लिए सर्जरी, भोजन और दवाइयाँ पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा मरीजों की विस्तृत जांच के बाद आवश्यकतानुसार सर्जरी की जाएगी। इसके साथ ही ऑपरेशन के बाद की देखभाल भी पूरी तरह नि:शुल्क होगी, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
,”जन्मजात बीमारी, लेकिन पूरी तरह संभव है इलाज
चिकित्सकों के मुताबिक कटे होंठ और तालू एक जन्मजात विकार है, जो गर्भावस्था के दौरान शिशु के चेहरे के अंगों का पूर्ण विकास न होने के कारण होता है। इस स्थिति में बच्चे के होंठ या मुँह की छत में दरार रह जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई अभिशाप या अंधविश्वास से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि एक सामान्य चिकित्सकीय स्थिति है, जिसका आधुनिक सर्जरी के माध्यम से सफल उपचार संभव है।
समय पर इलाज न होने के दुष्परिणाम
यदि समय रहते इलाज न कराया जाए, तो बच्चों को बोलने, खाने और सुनने में परेशानी हो सकती है। साथ ही उनका मानसिक और सामाजिक विकास भी प्रभावित होता है।
सर्जरी से बदल सकती है जिंदगी
डॉक्टरों के अनुसार, सही समय पर सर्जरी और बाद की देखभाल से बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है। स्पीच थेरेपी और नियमित फॉलो-अप से बोलने की क्षमता में भी सुधार होता है।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत
आम तौर पर इस प्रकार की सर्जरी महंगी होती है, लेकिन चंदन हॉस्पिटल द्वारा आयोजित यह निःशुल्क शिविर जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

अस्पताल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे इस बीमारी को छिपाने के बजाय इसके इलाज के लिए आगे आएं और अपने आसपास के जरूरतमंदों को इस शिविर की जानकारी दें।
यह पहल केवल इलाज नहीं, बल्कि हर चेहरे पर मुस्कान लौटाने का एक संकल्प है।

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