हल्द्वानी/कटघरिया । ग्राम सभा पनयाली, रेंज फतेहपुर में बाघ के हमले में जान गंवाने वाली स्वर्गीय कमला देवी के परिवार को दी गई सहायता राशि को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार को दी गई ₹6 लाख की सहायता राशि का चेक बाउंस होने का मामला सामने आया है, जिसे लेकर कांग्रेस ने वन विभाग पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने कहा कि बाघ हमले की दुखद घटना के बाद वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को कुल ₹10 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई थी। इसमें से ₹4 लाख की राशि पहले ही बैंक के माध्यम से परिवार के खाते में भेजी जा चुकी है, जबकि शेष ₹6 लाख का चेक परिवार को दिया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब परिवार ने इस चेक को बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया, जो विभागीय लापरवाही और असंवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण है। तिवारी ने कहा कि जिस परिवार ने अपने प्रियजन को खोने का दर्द सहा हो, उसके लिए सरकारी सहायता ही एकमात्र सहारा होती है। ऐसे में सहायता के नाम पर दिया गया चेक ही बाउंस हो जाना पीड़ित परिवार की पीड़ा को और बढ़ाने वाला है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने वन विभाग से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए और मृतका के परिवार को बिना किसी देरी के शेष ₹6 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।
