नैनीताल/रामनगर, । उत्तर भारत में वैज्ञानिक चेतना, तर्कशीलता और ज्ञान-विज्ञान के प्रसार के उद्देश्य से 21 और 22 फरवरी को रामनगर स्थित अग्रवाल सभा भवन में दो दिवसीय तर्कशील सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए संगठनों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा साझा मंच को मजबूत करते हुए ‘नेशनलिस्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया नॉर्थ जोन’ के गठन की घोषणा की।
सम्मेलन का उद्घाटन तहसील सोसाइटी पंजाब कॉर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष जसवंत मोहाली ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51(ए)(ह) के तहत प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवतावाद और ज्ञानार्जन की भावना को बढ़ावा दे। उन्होंने चिंता जताई कि आज भी समाज में अंधविश्वास और कूपमंडूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है और कई बार सरकारों की नीतियां भी अप्रत्यक्ष रूप से पाखंड को प्रोत्साहित करती दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में तर्कशील संगठनों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
‘साइंस फॉर सोसाइटी (यू)’ के संयोजक मदन सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक चेतना के लिए कार्य कर रहे सभी संगठनों की साझा गतिविधियां तर्कशील आंदोलन को मजबूती देंगी। उन्होंने कहा कि देश और संविधान की बुनियाद धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है और नवगठित फेडरेशन इन मूल्यों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सम्मेलन के दूसरे दिन 22 फरवरी की शाम विज्ञान और अंधविश्वास विषय पर एक सांस्कृतिक एवं प्रदर्शनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंजाब से आए रामकुमार ने तथाकथित चमत्कारों का वैज्ञानिक तरीके से प्रदर्शन करते हुए बताया कि हवा से सोने की चेन निकालना, त्रिशूल को जीभ से आर-पार करना जैसे करतब केवल हाथ की सफाई और वैज्ञानिक तकनीकों का परिणाम होते हैं। उन्होंने स्वयंभू चमत्कारी बाबाओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जेब में रखे नोट का नंबर बताना, हवा से वस्तु उत्पन्न करना, बिना जले आग पर चलना या पानी पर चलना जैसी 23 शर्तों में से कोई एक भी सिद्ध करने पर पांच लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
महिला तर्कशील हरेंद्र कौर ने विज्ञान आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए कहा कि दुनिया में चमत्कार जैसी कोई चीज नहीं होती। उन्होंने कहा कि कई ढोंगी बाबा विज्ञान और मनोविज्ञान की तरकीबों का इस्तेमाल कर भोली-भाली जनता को भ्रमित करते हैं और उनसे धन एकत्र करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हर बात पर सवाल करें, तर्क करें और सत्य को परखने का प्रयास करें।

सम्मेलन में तर्कशील सोसायटी पंजाब, साइंस फॉर सोसाइटी यूनाइटेड, तर्कशील सोसायटी हरियाणा, ज्ञान विज्ञान समिति हरियाणा, नागरिक सामाजिक बल राजस्थान, अग्रगामी छात्र नौजवान सभा दिल्ली, आरंभ युवा मंच झारखंड और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा सहित उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
सम्मेलन के समापन पर वैज्ञानिक सोच को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने, अंधविश्वास के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने तथा संविधान में निहित वैज्ञानिक दृष्टिकोण के दायित्व को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
